Weight Loss: 'इमोशनल ईटिंग' से हो सकते हैं मोटापे के शिकार, इस तरह करें खुद को कंट्रोल

Emotional Eating Habit: आपने अक्सर देखा होगा कुछ लोग बिना सोचे समझे ढ़ेर सारा खाना खाते रहते हैं. भूख हो या न हो हमेशा कुछ ने कुछ स्नैक्स, चॉकलेट या मीठा खाते रहने की आदत होती है. कुछ लोगों को भूख लगी हो या नहीं बिना सोचे समझे बार-बार खाने का मन करता है. ऐसा कई बार आपके साथ भी हुआ होगा, जब आपने गुस्से में ज्यादा खा लिया होगा. कई बार खुशी होने पर भी लोग ज्यादा खा लेते हैं. इसे 'इमोशनल ईटिंग' कहते हैं. इमोशन ईटिंग में आप अपनी फीलिंग को कंट्रोल करने के लिए खाने लगते हैं. इससे अनजाने में आपका वजन तेजी से बढ़ने लगता है. जानिए इमोशन ईटिंग की वजह क्या हैं और कैसे पहचानें कि आप इमोशन ईटिंग के शिकार हैं? क्या है इमोशनल ईटिंग? इमोशनल ईटिंग एक ऐसी आदत है जब कई बार हम नकारात्मक भावनाओं को शांत करने के चक्कर में जरूरत से ज्यादा खा जाते हैं. इसा तब होता है जब हम अपने नेगेटिव या परेशान करने वाले विचारों को कंट्रोल नही कर पाते हैं. कई लोग गुस्से में, डर, थकान और खुशी में भी ज्यादा खाना खा लेते हैं. आपके खाने की आदत फीलिंग्स को दबाती है और हमें ऐसा लगता है कि उस स्थिति से हम बाहर आ रहे हैं. हालांकि आपकी ये कोशिश समस्या का हल नहीं है. कुछ लोगों को करियर, रिलेशनशिप या हेल्थ से फीलिंग की वजह से ज्यादा खाने की आदत हो जाती है. इमोशनल ईटिंग की सबसे बड़ी समस्या है कि हम इसमें ओवरइटिंग करते हैं जो वजन बढ़ने की सबसे बड़ी वजह बनती है.  इमोशनल ईटिंग की वजह इमोशनल ईटिंग के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन ज्यादातर लोगों के साथ ये समस्या अनजाने में शुरू होती है. कई बार फिल्म देखने के दौरान आप ज्यादा खा जाते हैं. कई बार पेट भर जाता है लेकिन मन नहीं भरता और आप खाते ही जाते हैं. कुछ लोगों की खाने की चीजें वीकनेस होती हैं, जैसे आप चॉकलेट और आइसक्रीम को देखर खुद को कंट्रोल नहीं कर पाते हैं. कई बार लड़ाई-झगड़ा होने पर भी लोग ज्यादा खाने लगते हैं.  कई बार लोगों को अपने शरीर से नफरत हो जाती है ऐसे लोग इमोशनल ईटिंग की ओर बढ़ जाते हैं. ज्यादा और मनपसंद खाने से आपको सांत्वना तो मिलती है लेकिन इससे आप परेशानियों से ऊबर नहीं सकते हैं.  इमोशनल ईटिंग को कैसे करें कंट्रोल? इमोशनल ईटिंग को कंट्रोल करना थोड़ा मुश्किल होता है क्योंकि ये कई समस्या नहीं है ये आपकी आदत है. हालांकि आप चाहें तो इसे आसानी से कम कर सकते हैं. आप इस बात का ध्यान रखें कि इमोशनल ईटिंग से आपकी भूख का कुछ लेना-देना नहीं है. ये सिर्फ आकी क्रेविंग है, जो आपको अस्थायी तौर पर अच्छा महसूस कराती है. आप खाते वक्त इस बात का ख्याल रखें कि इस तरह ज्यादा खाने से आपका वजन बढ़ रहा है.  अगर बहुत ज्यादा कुछ खाने का मन करे तो आप हेल्दी फूड का ऑप्शन चुनें.  जब भी आपको खाने की क्रेविंग हो तो खुद को किसी दूसरे काम में व्यस्त कर लें.  खाने के समय तय कर लें, इसके अलावा जब भी मन करे खुद को खाने से दूर रखें. Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की एबीपी न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. ये भी पढ़ें: Low Calorie Snacks: ये हैं कम कैलरी वाले स्नैक्स, शाम के नाश्ते के लिए पर्फेक्ट चॉइस

Weight Loss: 'इमोशनल ईटिंग' से हो सकते हैं मोटापे के शिकार, इस तरह करें खुद को कंट्रोल

Emotional Eating Habit: आपने अक्सर देखा होगा कुछ लोग बिना सोचे समझे ढ़ेर सारा खाना खाते रहते हैं. भूख हो या न हो हमेशा कुछ ने कुछ स्नैक्स, चॉकलेट या मीठा खाते रहने की आदत होती है. कुछ लोगों को भूख लगी हो या नहीं बिना सोचे समझे बार-बार खाने का मन करता है. ऐसा कई बार आपके साथ भी हुआ होगा, जब आपने गुस्से में ज्यादा खा लिया होगा. कई बार खुशी होने पर भी लोग ज्यादा खा लेते हैं. इसे 'इमोशनल ईटिंग' कहते हैं. इमोशन ईटिंग में आप अपनी फीलिंग को कंट्रोल करने के लिए खाने लगते हैं. इससे अनजाने में आपका वजन तेजी से बढ़ने लगता है. जानिए इमोशन ईटिंग की वजह क्या हैं और कैसे पहचानें कि आप इमोशन ईटिंग के शिकार हैं?

क्या है इमोशनल ईटिंग?

इमोशनल ईटिंग एक ऐसी आदत है जब कई बार हम नकारात्मक भावनाओं को शांत करने के चक्कर में जरूरत से ज्यादा खा जाते हैं. इसा तब होता है जब हम अपने नेगेटिव या परेशान करने वाले विचारों को कंट्रोल नही कर पाते हैं. कई लोग गुस्से में, डर, थकान और खुशी में भी ज्यादा खाना खा लेते हैं. आपके खाने की आदत फीलिंग्स को दबाती है और हमें ऐसा लगता है कि उस स्थिति से हम बाहर आ रहे हैं. हालांकि आपकी ये कोशिश समस्या का हल नहीं है. कुछ लोगों को करियर, रिलेशनशिप या हेल्थ से फीलिंग की वजह से ज्यादा खाने की आदत हो जाती है. इमोशनल ईटिंग की सबसे बड़ी समस्या है कि हम इसमें ओवरइटिंग करते हैं जो वजन बढ़ने की सबसे बड़ी वजह बनती है. 

इमोशनल ईटिंग की वजह

इमोशनल ईटिंग के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन ज्यादातर लोगों के साथ ये समस्या अनजाने में शुरू होती है. कई बार फिल्म देखने के दौरान आप ज्यादा खा जाते हैं. कई बार पेट भर जाता है लेकिन मन नहीं भरता और आप खाते ही जाते हैं. कुछ लोगों की खाने की चीजें वीकनेस होती हैं, जैसे आप चॉकलेट और आइसक्रीम को देखर खुद को कंट्रोल नहीं कर पाते हैं. कई बार लड़ाई-झगड़ा होने पर भी लोग ज्यादा खाने लगते हैं.  कई बार लोगों को अपने शरीर से नफरत हो जाती है ऐसे लोग इमोशनल ईटिंग की ओर बढ़ जाते हैं. ज्यादा और मनपसंद खाने से आपको सांत्वना तो मिलती है लेकिन इससे आप परेशानियों से ऊबर नहीं सकते हैं. 

इमोशनल ईटिंग को कैसे करें कंट्रोल?

इमोशनल ईटिंग को कंट्रोल करना थोड़ा मुश्किल होता है क्योंकि ये कई समस्या नहीं है ये आपकी आदत है. हालांकि आप चाहें तो इसे आसानी से कम कर सकते हैं. आप इस बात का ध्यान रखें कि इमोशनल ईटिंग से आपकी भूख का कुछ लेना-देना नहीं है. ये सिर्फ आकी क्रेविंग है, जो आपको अस्थायी तौर पर अच्छा महसूस कराती है.

  • आप खाते वक्त इस बात का ख्याल रखें कि इस तरह ज्यादा खाने से आपका वजन बढ़ रहा है. 
  • अगर बहुत ज्यादा कुछ खाने का मन करे तो आप हेल्दी फूड का ऑप्शन चुनें. 
  • जब भी आपको खाने की क्रेविंग हो तो खुद को किसी दूसरे काम में व्यस्त कर लें. 
  • खाने के समय तय कर लें, इसके अलावा जब भी मन करे खुद को खाने से दूर रखें.

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की एबीपी न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

ये भी पढ़ें: Low Calorie Snacks: ये हैं कम कैलरी वाले स्नैक्स, शाम के नाश्ते के लिए पर्फेक्ट चॉइस