Mercury Transit 2022 : मेष राशि में कल बुध का राशि परिवर्तन, 12 अप्रैल को राहु के साथ बनाएंगे 'जड़त्व' योग

Mercury Transit 2022 : अप्रैल में बुध के बाद पाप ग्रह राहु का भी राशि परिवर्तन होने जा रहा है. पंचांग के अनुसार 8 अप्रैल 2022 को प्रात: 11 बजकर 50 मिनट पर बुध मीन राशि को छोड़कर मेष राशि में प्रवेश करेंगे.  मेष है मंगल की राशि (aries)ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मेष राशि के स्वामी मंगल है. इस राशि को सभी 12 राशियों में प्रथम स्थान प्राप्त है. मेष राशि एक अग्नि तत्व की राशि है. इस राशि का स्वामी मंगल है और मंगल को एक उग्र ग्रह माना गया है. जिसका संबंध युद्ध, पराक्रम, रक्त,तकनीक आदि से है. विशेष बात ये है कि बुध की मंगल से शत्रुता है. यानि बुध का गोचर शत्रु की राशि में हो रहा है. बुध का स्वभाव (mercury transit 2022)ज्योतिष शास्त्र में बुध को सौम्य ग्रह माना गया है. इसीलिए इसे ग्रहों का राजकुमार बताया गया है. बुध की सूर्य, शुक्र से मित्रता है. जबकि चंद्रमा और मंगल से इसकी शत्रुता है. बुध को एक बौद्धिक ग्रह माना गया है. बुध को शास्त्रों में व्यापारियों का स्वामी और रक्षक माना गया है. April 2022 Calendar : आज से आने वाले सात दिन हैं विशेष ये महत्वपूर्ण ग्रह बदल रहे हैं राशि राहु का मेष राशि में गोचर (rahu transit in aries)बुध के राशि परिवर्तन करने के ठीक 4 दिन बाद मेष राशि में राहु का गोचर होगा. यानि 12 अप्रैल 2022 को वृषभ राशि में अपनी यात्रा को पूरा करने के बाद राहु मेष राशि में आ जाएगा. राहु को एक पाप ग्रह माना गया है. जीवन में अचानक घटित होने वाली घटनाओं के पीछे राहु का हाथ माना जाता है.  राहु-बुध की युति (rahu budh ki yuti)12 अप्रैल को राहु के राशि परिवर्तन करते ही मेष राशि में बुध-राहु की युति बनेगी. यानि मेष राशि में राहु और बुध एक साथ गोचर करेंगे. ज्योतिष शास्त्र में राहु और बुध की युति से एक विशेष प्रकार का योग बनता है, जिस जड़त्व योग कहा गया है. इस योग को बहुत अच्छा नहीं माना गया है. लेकिन कुछ मामलों में यह योग शुभ फल भी प्रदान करता है. माना जाता है कि कुंडली में जब ये योग बनता है तो व्यक्ति की बुद्धि कुंठित हो जाती है, बातों में चालाकी आ जाती है. झूठ बोलकर व्यक्ति धन बनाने में माहिर होता है. ऐसा व्यक्ति बुद्धिमान होते हुए भी भ्रमित रहता है. स्वयं को बुद्धिमान और दूसरों को मूर्ख समझने की गलती कर बैठता है. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. Astrology : संतान को योग्य और निरोग बनाना है तो इन ग्रहों को कभी न होने दें कमजोर और अशुभ

Mercury Transit 2022 : मेष राशि में कल बुध का राशि परिवर्तन, 12 अप्रैल को राहु के साथ बनाएंगे 'जड़त्व' योग

Mercury Transit 2022 : अप्रैल में बुध के बाद पाप ग्रह राहु का भी राशि परिवर्तन होने जा रहा है. पंचांग के अनुसार 8 अप्रैल 2022 को प्रात: 11 बजकर 50 मिनट पर बुध मीन राशि को छोड़कर मेष राशि में प्रवेश करेंगे. 

मेष है मंगल की राशि (aries)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मेष राशि के स्वामी मंगल है. इस राशि को सभी 12 राशियों में प्रथम स्थान प्राप्त है. मेष राशि एक अग्नि तत्व की राशि है. इस राशि का स्वामी मंगल है और मंगल को एक उग्र ग्रह माना गया है. जिसका संबंध युद्ध, पराक्रम, रक्त,तकनीक आदि से है. विशेष बात ये है कि बुध की मंगल से शत्रुता है. यानि बुध का गोचर शत्रु की राशि में हो रहा है.

बुध का स्वभाव (mercury transit 2022)
ज्योतिष शास्त्र में बुध को सौम्य ग्रह माना गया है. इसीलिए इसे ग्रहों का राजकुमार बताया गया है. बुध की सूर्य, शुक्र से मित्रता है. जबकि चंद्रमा और मंगल से इसकी शत्रुता है. बुध को एक बौद्धिक ग्रह माना गया है. बुध को शास्त्रों में व्यापारियों का स्वामी और रक्षक माना गया है.

April 2022 Calendar : आज से आने वाले सात दिन हैं विशेष ये महत्वपूर्ण ग्रह बदल रहे हैं राशि

राहु का मेष राशि में गोचर (rahu transit in aries)
बुध के राशि परिवर्तन करने के ठीक 4 दिन बाद मेष राशि में राहु का गोचर होगा. यानि 12 अप्रैल 2022 को वृषभ राशि में अपनी यात्रा को पूरा करने के बाद राहु मेष राशि में आ जाएगा. राहु को एक पाप ग्रह माना गया है. जीवन में अचानक घटित होने वाली घटनाओं के पीछे राहु का हाथ माना जाता है. 

राहु-बुध की युति (rahu budh ki yuti)
12 अप्रैल को राहु के राशि परिवर्तन करते ही मेष राशि में बुध-राहु की युति बनेगी. यानि मेष राशि में राहु और बुध एक साथ गोचर करेंगे. ज्योतिष शास्त्र में राहु और बुध की युति से एक विशेष प्रकार का योग बनता है, जिस जड़त्व योग कहा गया है. इस योग को बहुत अच्छा नहीं माना गया है. लेकिन कुछ मामलों में यह योग शुभ फल भी प्रदान करता है. माना जाता है कि कुंडली में जब ये योग बनता है तो व्यक्ति की बुद्धि कुंठित हो जाती है, बातों में चालाकी आ जाती है. झूठ बोलकर व्यक्ति धन बनाने में माहिर होता है. ऐसा व्यक्ति बुद्धिमान होते हुए भी भ्रमित रहता है. स्वयं को बुद्धिमान और दूसरों को मूर्ख समझने की गलती कर बैठता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Astrology : संतान को योग्य और निरोग बनाना है तो इन ग्रहों को कभी न होने दें कमजोर और अशुभ