Healthy Seeds: वाइल्ड राइस से लेकर अनार तक, अपनी डेली डायट में जरूर शामिल करें ये 8 सीड्स

हम रोजाना जिस भोजन का सेवन करते हैं, अब उसमें वो ताकत नहीं रह गई है, जो पुराने समय में हुआ करती थी. यानी पहले के मुकाबले आजकल की ग्रेन्स में पोषक तत्व बहुत ही कम होते हैं. इससे हमारे शरीर की न्यूट्रिशन संबंधी जरूरत पूरी नहीं हो पाती है. इसलिए कमजोरी और थकान हम पर हावी रहने लगती है. भोजन में पोषण की इस कमी को दूर करने के लिए सीड्स और नट्स को डेली डायट में शामिल करने की सलाह दी जाती है. आज यहां ऐसे 8 सीड्स के बारे जानेंगे जिन्हें रोज खाने से शरीर को इसकी जरूरत के अनुसार पोषण मिलता है... 1. सबसे पहले अनार  यूं तो अनार एक फल है. लेकिन इसके सीड्स को आप फ्रूट रायता या सैलेड में भी खा सकते हैं. इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि पके हुए और कच्चे भोजन को एक साथ नहीं खाना चाहिए.  इसलिए खीर, हलवा, पेस्ट्री इत्यादि पर फ्रूट सजाकर नहीं खाने चाहिए. अनार शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी को दूर करता है. 2. किनोआ सीड्स किनोआ सीड्स को आप अपने नाश्ते या स्नैक्स में शामिल करके प्रोटीन, फाइबर, आयरन प्राप्त कर सकते हैं. इसे दलिया, फ्राइड राइस या अन्य ग्रेन्स के साथ बनाया जा सकता है. 3. सूरजमुखी के बीज  सनफ्लॉवर सीड्स टेस्टी भी होते हैं और स्किन को हेल्दी बनाने का काम भी करते हैं. विटमिन-ई से भरपूर ये सीड्स, दही, हलवा, स्नैक्स, सलाद इत्यादि किसी भी चीज में मिक्स करके खाए जा सकते हैं. आप केवल इनका सेवन भी कर सकते हैं. 4. तिल का सेवन यूं तो तिल का सेवन सर्दियों में अधिक किया जाता है. क्योंकि ये शरीर को गर्माहट देने के काम करते हैं. लेकिन स्वीट्स और सलाद इत्यादि में कम मात्रा में मिलाकर अन्य मौसम में भी इनका उपयोग किया जा सकता है. क्योंकि तिल प्रोटीन का अच्छा सोर्स होते हैं. 5. फ्लैक्स सीड्स  अलसी के बीज यानी फ्लैक्स सीड्स, ये बीज पिछले कुछ साल से नहीं बल्कि सदियों से हमारे खान-पान का हिस्सा हैं. बस, बाजारवाद के चक्कर में इन्हें भुला दिया गया था. शाकाहारी लोगों के शरीर में ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी को दूर करने के लिए ये सीड्स अच्छा विकल्प हैं. आप इन्हें रात को भिगोकर सुबह भी खा सकते हैं और सलाद या स्नैक्स में मिलाकर भी खा सकते हैं. 6. भांग के बीज भांग का नाम कुछ लोगों को अजीब लग सकता है. लेकिन भांग सिर्फ नशा करने के काम नहीं आती है. बल्कि यह एक औषधि भी है, जो शरीर के कई तरह के रोगों को ठीक करने के साथ ही जरूरी पोषक तत्व भी देती है. करीब 2 टेबल स्पून भांग के बीजों में फ्लैक्स सीड्स और चिया सीड्स से अधिक प्रोटीन होता है. लेकिन इनका सेवन किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श के बाद ही करें.  7. चिया सीड्स  चिया सीड्स में फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड्स, प्रोटीन और अन्य न्यूट्रिएंट्स होते हैं. दिन में किसी भी समय इन बीजों का सेवन किया जा सकता है. आप स्मूदी बनाकर भी इन सीड्स के गुणों का लाभ ले सकते हैं. चिया सीड्स वजन को नियंत्रित करने में भी मददगार हैं. 8. वाइल्ड राइस  वाइल्ड राइस असल में कोई चावल नहीं होते हैं. बल्कि ये एक खास तरह की खास के बीज होते हैं, जो काफी लंबे, सीधे और शार्प होते हैं. इन बीजों में किसी भी साबुत अनाज की तुलना में काफी अच्छी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है. सफेद चावलों की तुलना में इन वाइल्ड राइस में कहीं अधिक एंटिऑक्सीडेंट्स होते हैं. इनके अतिरिक्त मैग्नीशियम, जिंक, विटमिन बी-6 और नियासिन जैसे पोषक तत्व भी इनमें पाए जाते हैं. Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों को केवल सुझाव के रूप में लें, एबीपी न्यूज़ इनकी पुष्टि नहीं करता है. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. यह भी पढ़ें: दिन में कितनी बार खाते हैं आप? अच्छे मेटाबॉलिज़म के लिए छोड़ दें छोटे-छोटे मील्स लेना यह भी पढ़ें: थकान और सिरदर्द बना रहता है? शरीर में हो सकती है इस विटामिन की कमी

Healthy Seeds: वाइल्ड राइस से लेकर अनार तक, अपनी डेली डायट में जरूर शामिल करें ये 8 सीड्स

हम रोजाना जिस भोजन का सेवन करते हैं, अब उसमें वो ताकत नहीं रह गई है, जो पुराने समय में हुआ करती थी. यानी पहले के मुकाबले आजकल की ग्रेन्स में पोषक तत्व बहुत ही कम होते हैं. इससे हमारे शरीर की न्यूट्रिशन संबंधी जरूरत पूरी नहीं हो पाती है. इसलिए कमजोरी और थकान हम पर हावी रहने लगती है. भोजन में पोषण की इस कमी को दूर करने के लिए सीड्स और नट्स को डेली डायट में शामिल करने की सलाह दी जाती है. आज यहां ऐसे 8 सीड्स के बारे जानेंगे जिन्हें रोज खाने से शरीर को इसकी जरूरत के अनुसार पोषण मिलता है...

1. सबसे पहले अनार 

यूं तो अनार एक फल है. लेकिन इसके सीड्स को आप फ्रूट रायता या सैलेड में भी खा सकते हैं. इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि पके हुए और कच्चे भोजन को एक साथ नहीं खाना चाहिए.  इसलिए खीर, हलवा, पेस्ट्री इत्यादि पर फ्रूट सजाकर नहीं खाने चाहिए. अनार शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी को दूर करता है.

2. किनोआ सीड्स
 
किनोआ सीड्स को आप अपने नाश्ते या स्नैक्स में शामिल करके प्रोटीन, फाइबर, आयरन प्राप्त कर सकते हैं. इसे दलिया, फ्राइड राइस या अन्य ग्रेन्स के साथ बनाया जा सकता है.

3. सूरजमुखी के बीज 

सनफ्लॉवर सीड्स टेस्टी भी होते हैं और स्किन को हेल्दी बनाने का काम भी करते हैं. विटमिन-ई से भरपूर ये सीड्स, दही, हलवा, स्नैक्स, सलाद इत्यादि किसी भी चीज में मिक्स करके खाए जा सकते हैं. आप केवल इनका सेवन भी कर सकते हैं.

4. तिल का सेवन

यूं तो तिल का सेवन सर्दियों में अधिक किया जाता है. क्योंकि ये शरीर को गर्माहट देने के काम करते हैं. लेकिन स्वीट्स और सलाद इत्यादि में कम मात्रा में मिलाकर अन्य मौसम में भी इनका उपयोग किया जा सकता है. क्योंकि तिल प्रोटीन का अच्छा सोर्स होते हैं.

5. फ्लैक्स सीड्स 

अलसी के बीज यानी फ्लैक्स सीड्स, ये बीज पिछले कुछ साल से नहीं बल्कि सदियों से हमारे खान-पान का हिस्सा हैं. बस, बाजारवाद के चक्कर में इन्हें भुला दिया गया था. शाकाहारी लोगों के शरीर में ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी को दूर करने के लिए ये सीड्स अच्छा विकल्प हैं. आप इन्हें रात को भिगोकर सुबह भी खा सकते हैं और सलाद या स्नैक्स में मिलाकर भी खा सकते हैं.

6. भांग के बीज

भांग का नाम कुछ लोगों को अजीब लग सकता है. लेकिन भांग सिर्फ नशा करने के काम नहीं आती है. बल्कि यह एक औषधि भी है, जो शरीर के कई तरह के रोगों को ठीक करने के साथ ही जरूरी पोषक तत्व भी देती है. करीब 2 टेबल स्पून भांग के बीजों में फ्लैक्स सीड्स और चिया सीड्स से अधिक प्रोटीन होता है. लेकिन इनका सेवन किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श के बाद ही करें.

 7. चिया सीड्स 

चिया सीड्स में फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड्स, प्रोटीन और अन्य न्यूट्रिएंट्स होते हैं. दिन में किसी भी समय इन बीजों का सेवन किया जा सकता है. आप स्मूदी बनाकर भी इन सीड्स के गुणों का लाभ ले सकते हैं. चिया सीड्स वजन को नियंत्रित करने में भी मददगार हैं.

8. वाइल्ड राइस 

वाइल्ड राइस असल में कोई चावल नहीं होते हैं. बल्कि ये एक खास तरह की खास के बीज होते हैं, जो काफी लंबे, सीधे और शार्प होते हैं. इन बीजों में किसी भी साबुत अनाज की तुलना में काफी अच्छी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है. सफेद चावलों की तुलना में इन वाइल्ड राइस में कहीं अधिक एंटिऑक्सीडेंट्स होते हैं. इनके अतिरिक्त मैग्नीशियम, जिंक, विटमिन बी-6 और नियासिन जैसे पोषक तत्व भी इनमें पाए जाते हैं.

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों को केवल सुझाव के रूप में लें, एबीपी न्यूज़ इनकी पुष्टि नहीं करता है. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

यह भी पढ़ें: दिन में कितनी बार खाते हैं आप? अच्छे मेटाबॉलिज़म के लिए छोड़ दें छोटे-छोटे मील्स लेना

यह भी पढ़ें: थकान और सिरदर्द बना रहता है? शरीर में हो सकती है इस विटामिन की कमी