Brain Health: दिमाग की थकान और भारीपन दूर करने के लिए 3 आयुर्वेदिक औषधियां

सिर का भारीपन, मानसिक थकान, चिड़चिड़ाहट, गुस्सा, मन घबराना और किसी से बाद करने की इच्छा न होना, जैसी समस्याएं इस बात का संकेत है कि आपको अपने मस्तिष्क की सेहत पर ध्यान देने की जररूत है. साथ ही अपनी इमोशनल हेल्थ पर काम करने की जरूरत है. ये सभी समस्याएं कई अलग-अलग कारणों से हो सकती हैं लेकिन यहां बताई गई तीन आयुर्वेदिक औषधियों में से किसी एक का सेवन करके आप इन मानसिक विकारों से पूरी तरह मुक्ति पा सकते हैं... मानसिक थकान के कारण मानसिक थकान के कारण हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकते हैं. जैसे,लंबे समय की बीमारी, दवाओं का लंबे समय से उपयोग, बहुत अधिक तनावपूर्ण परिस्थितियों का सामना, कोई ट्रॉमा इत्यादि. ये आयुर्वेदिक औषधियां है बहुत प्रभावी आपकी मानसिक थकान या मानसिक विकारों की वजह चाहे जो भी हो, ये तीन आयुर्वेदिक औषधियां आपको हर समस्या से निजात देती हैं... अश्वगंधा शंखपुष्पि ब्राह्मी अश्वगंधा एक ऐसी दिव्य औषधि है, जो मानसिक विकारों से पूरी तरह बचाकर रख सकती है. इस दवाई का सेवन सिर्फ बीमारी के समय किया जाए, ऐसा जरूरी नहीं है. बल्कि आप हमेशा ऐक्टिव और स्ट्रेस फ्री रहने के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं. ब्राह्मी याददाश्त बढ़ाने वाली, मानसिक थकान मिटाने वाली और हॉर्मोनल बैलंस बनाए रखने में मदद करने वाली औषधि है. काम का तनाव अधिक रहता है या चीजें याद करने में दिक्कत आती है तो आप ब्राह्मी का सेवन अवश्य करें. स्कूल जाने वाले बच्चों को भी ब्राह्मी पिलानी चाहिए. दिमाग को तेज बनाने वाली औषधि है  शंखपुष्पी. इसका सेवन तन और मन दोनों को ताजगी देता है. अपने औषधिय गुणों के कारण इससे बना शरबत और हेल्थ टॉनिक दोनों ही सेहत के लिए अच्छे रहते हैं. मानसिक थकान से बचने के अन्य तरीके पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं. हर दिन कम से कम 8 से 10 गिलास. कैफीन का सेवन कम करें. इसके लिए चाय और कॉफी कम पिएं. आयरन युक्त फूड्स का सेवन करें. ध्यान और योग मानसिक थकान दूर करने में बहुत लाभकारी हैं. हर दिन 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लें. Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों को केवल सुझाव के रूप में लें, एबीपी न्यूज़ इनकी पुष्टि नहीं करता है. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. यह भी पढ़ें: थकान और सिरदर्द बना रहता है? शरीर में हो सकती है इस विटामिन की कमी यह भी पढ़ें: बहुत पापड़ बेलने के बाद समझ आते हैं 'प्यार' से जुड़े ये 10 सबक

Brain Health: दिमाग की थकान और भारीपन दूर करने के लिए 3 आयुर्वेदिक औषधियां

सिर का भारीपन, मानसिक थकान, चिड़चिड़ाहट, गुस्सा, मन घबराना और किसी से बाद करने की इच्छा न होना, जैसी समस्याएं इस बात का संकेत है कि आपको अपने मस्तिष्क की सेहत पर ध्यान देने की जररूत है. साथ ही अपनी इमोशनल हेल्थ पर काम करने की जरूरत है. ये सभी समस्याएं कई अलग-अलग कारणों से हो सकती हैं लेकिन यहां बताई गई तीन आयुर्वेदिक औषधियों में से किसी एक का सेवन करके आप इन मानसिक विकारों से पूरी तरह मुक्ति पा सकते हैं...

मानसिक थकान के कारण

मानसिक थकान के कारण हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकते हैं. जैसे,लंबे समय की बीमारी, दवाओं का लंबे समय से उपयोग, बहुत अधिक तनावपूर्ण परिस्थितियों का सामना, कोई ट्रॉमा इत्यादि.

ये आयुर्वेदिक औषधियां है बहुत प्रभावी

आपकी मानसिक थकान या मानसिक विकारों की वजह चाहे जो भी हो, ये तीन आयुर्वेदिक औषधियां आपको हर समस्या से निजात देती हैं...

  • अश्वगंधा
  • शंखपुष्पि
  • ब्राह्मी

अश्वगंधा एक ऐसी दिव्य औषधि है, जो मानसिक विकारों से पूरी तरह बचाकर रख सकती है. इस दवाई का सेवन सिर्फ बीमारी के समय किया जाए, ऐसा जरूरी नहीं है. बल्कि आप हमेशा ऐक्टिव और स्ट्रेस फ्री रहने के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं.

ब्राह्मी याददाश्त बढ़ाने वाली, मानसिक थकान मिटाने वाली और हॉर्मोनल बैलंस बनाए रखने में मदद करने वाली औषधि है. काम का तनाव अधिक रहता है या चीजें याद करने में दिक्कत आती है तो आप ब्राह्मी का सेवन अवश्य करें. स्कूल जाने वाले बच्चों को भी ब्राह्मी पिलानी चाहिए.

दिमाग को तेज बनाने वाली औषधि है  शंखपुष्पी. इसका सेवन तन और मन दोनों को ताजगी देता है. अपने औषधिय गुणों के कारण इससे बना शरबत और हेल्थ टॉनिक दोनों ही सेहत के लिए अच्छे रहते हैं.

मानसिक थकान से बचने के अन्य तरीके

  • पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं. हर दिन कम से कम 8 से 10 गिलास.
  • कैफीन का सेवन कम करें. इसके लिए चाय और कॉफी कम पिएं.
  • आयरन युक्त फूड्स का सेवन करें.
  • ध्यान और योग मानसिक थकान दूर करने में बहुत लाभकारी हैं. हर दिन 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लें.

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों को केवल सुझाव के रूप में लें, एबीपी न्यूज़ इनकी पुष्टि नहीं करता है. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

यह भी पढ़ें: थकान और सिरदर्द बना रहता है? शरीर में हो सकती है इस विटामिन की कमी

यह भी पढ़ें: बहुत पापड़ बेलने के बाद समझ आते हैं 'प्यार' से जुड़े ये 10 सबक