Al Qaeda Documents Reveal: 9/11 जैसा ही दूसरा हमला करना चाहता था लादेन, अमेरिका के इस कदम का नहीं लगा पाया अंदाजा

9/11 Attacks: आतंकी ओसामा बिन लादेन ने 11 सितंबर 2001 के आंतकी हमले के तुरंत बाद संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ दूसरे अटैक की योजना बनाई थी. हालांकि उसे उम्मीद नहीं थी कि अमेरिका इस हमले के बाद युद्ध की घोषणा करेगा. बता दें इस आतंकी हमले में (जिसे 9/11 अटैक के रूप में भी जाना जाता है) लगभग 3,000 लोग मारे गए थे.  सीबीएस न्यूज के अनुसार, 2011 में बिन लादेन की हत्या के बाद अमेरिकी नौसेना के सील द्वारा प्राप्त और डिक्लासिफाइड किए गए कागजातों ने हाल ही में खुलासा किया है कि कैसे तत्कालीन अल-कायदा नेता ने पैसेंजर प्लेन की बजाय प्राइवेट जेट के उपयोग को प्रोत्साहित किया, ताकि 9/11 के बाद में फॉलोअप अटैक को अंजाम दिया जा सके. इन दस्तावेजों से यह भी पता चला कि कैसे बिन लादेन ने अपने अनुयायियों को अमेरिकी रेल पटरियों को काटने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि ट्रेन की पटरी से उतरने की बड़ी घटना घट सके जिसमें सैकड़ों लोग की मौत हो जाए.  लेखक और इस्लामिक विद्वान नेली लाहौद (जिन्होंने अपने करियर का अधिकांश समय अल-कायदा पर शोध करने में बिताया है) ने ओसामा बिन लादेन के व्यक्तिगत पत्रों और नोट्स के हजारों पन्नों की जांच की, जो 11 साल पहले दो दर्जन नेवी सील की एक टीम द्वारा जब्त किए गए थे. नेवी सील को लादेन को पकड़ने या मारने के लिए पाकिस्तान भेजा गया था. लादेन नहीं लगा पाया यह अंदाजा सीबीएस को दिए इंटरव्यू के दौरान बोलते हुए लाहौद ने बताया कि कैसे अल-कायदा यह अनुमान नहीं पाया कि अमेरिका 9/11 के हमलों के बाद युद्ध की घोषणा करेगा. हालांकि, जब अफगानिस्तान में युद्ध छिड़ गया तो लाहौद के मुताबिक बिन लादेन के पत्र से पता चलता है कि 11 सितंबर के हमले को लेकर अमेरिकियों की प्रतिक्रिया से वह हैरान था. डिक्लासिफाइड पेपर्स के हवाले से लाहौद ने कहा कि बिन लादेन ने सोचा था कि अमेरिकी सड़कों पर उतरेंगे और अपनी सरकार पर मुस्लिम बहुल राज्य से हटने का दबाव बनाएंगे. लाहौद के मुताबिक "यह ओसामा बिन लादेन की ओर से एक बहुत बड़ा गलत अनुमान था." लाहौद ने बताया कि लादेन द्वारा ग्रुप मेंबर्स को लिखे गए व्यक्तिगत पत्रों के अनुसार, उसने अपने अल-कायदा के सहयोगियों के साथ तीन साल तक संवाद नहीं किया क्योंकि वह भाग रहा था. लेकिन 2004 में, लादेन आतंकवादी ग्रुप के साथ फिर से जुड़ गया और उसने सदस्यों को संयुक्त राज्य पर हमला करने की अपनी नई योजना की पेशकश की. 9/11  जैसा हमला दोबारा करना चाहता था लादेन बिन लादेन 9/11 जैसे हमलों को दोहराने के लिए "बहुत उत्सुक" था, लेकिन वह एयरपोर्ट पर बहुत सख्त सुरक्षा स्थितियों से भी अवगत था. अल-क़ायदा की अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी इकाई के प्रमुख को ओसामा बिन लादेन के लिखे एक पत्र को पढ़ते हुए, लाहौद ने खुलासा किया कि उसने देश पर अगले हमले के लिए एक पैसेंजर प्लेन के बजाय एक चार्टर विमान के माध्यम से हमले का विचार प्रस्तावित किया था. लादेन ने यह भी लिखा कि अगर प्लेन से हमला करना बहुत मुश्किल है तो उन्हें अमेरिकी रेलवे को निशाना बनाना चाहिए. ट्रेन को निशाना बनाने का प्लान लाहौद ने कहा कि बिन लादेन के पास सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री थी और उसने समझाया कि अमेरिका पर कैसे हमला किया जाए. वह चाहता था कि 12 मीटर स्टील रेल को हटा दिया जाए ताकि इस तरह ट्रेन पटरी से उतर सके. लाहौद के मुताबिक आंतकियों के इस्तेमाल के लिए हम उसे सरल टूलकिट की व्याख्या करते हुए पाते हैं. लादेन ने कहा, “आप जानते हैं, आप एक कंप्रेसर का उपयोग कर सकते हैं. आप लोहे को गलाने के उपकरण का उपयोग कर सकते हैं. ” लाहौद के मुताबकि सौभाग्य से, बिन लादेन कभी भी अपनी योजना को अंजाम देने में कामयाब नहीं हो सका. लाहौद ने कहा कि डिक्लासिफाइड दस्तावेजों से यह भी पता चलता है कि नवंबर 2002 में, अमेरिकी खुफिया अधिकारियों को चिंता थी कि अल-कायदा "बड़े हमलों" की योजना बना रहा है, जिसके परिणामस्वरूप लोग "बड़े पैमाने पर हताहत" होंगे, लेकिन उस वक्त बिन लादेन छिप रहा था और आतंकवादी समहू को "बिल्कुल नहीं" चला रहा था. मध्य पूर्व और अमेरिका में भी करना चाहता था हमला पत्रों से यह भी पता चला कि 9/11 के मास्टरमाइंड ने 2010 में मध्य पूर्व और अफ्रीका में कई कच्चे तेल के टैंकरों और प्रमुख शिपिंग मार्गों को निशाना बनाकर एक अतिरिक्त आतंकी हमले की योजना बनाई थी. लाहौद ने दावा किया कि बिन लादेन ने सुझाव दिया कि अल-कायदा के गुर्गे मछुआरों के रूप में खुद को बंदरगाह क्षेत्रों में एकीकृत कर सकते हैं. उसने अपनी टीम को निर्देश दिया कि राडार से बचने के लिए विशिष्ट नावें कहां से खरीदें और विस्तार से बताया कि विस्फोटकों के परिवहन के लिए जहाजों का उपयोग कैसे किया जाना चाहिए.       अल कायदा की मौजूदा स्थिति अब, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अनुसार, अल-कायदा की अधिकांश आतंकवादी गतिविधियां अल-कायदा की छोटी शाखाओं द्वारा की जा रही हैं. बिन लादेन के बाद, अयमान अल-जवाहिरी, अब अल-कायदा का प्रमुख है. सीबीएस के मुताबिक, इसी महीने वह एक नए वीडियो में इस्लाम के दुश्मनों की निंदा करते हुए दिखाई दिया. यह भी पढ़ें:  World's Oldest Person Dies: दुनिया की सबसे उम्रदराज शख्स जापान की केन तनाका का निधन, 119 साल की आयु में ली अंतिम सांस Joe Biden To Visit Israel: इजरायल जाएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति, ईरान को लेकर बाइडेन और बेनेट के बीच हुई ये बातचीत

Al Qaeda Documents Reveal: 9/11 जैसा ही दूसरा हमला करना चाहता था लादेन, अमेरिका के इस कदम का नहीं लगा पाया अंदाजा

9/11 Attacks: आतंकी ओसामा बिन लादेन ने 11 सितंबर 2001 के आंतकी हमले के तुरंत बाद संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ दूसरे अटैक की योजना बनाई थी. हालांकि उसे उम्मीद नहीं थी कि अमेरिका इस हमले के बाद युद्ध की घोषणा करेगा. बता दें इस आतंकी हमले में (जिसे 9/11 अटैक के रूप में भी जाना जाता है) लगभग 3,000 लोग मारे गए थे. 

सीबीएस न्यूज के अनुसार, 2011 में बिन लादेन की हत्या के बाद अमेरिकी नौसेना के सील द्वारा प्राप्त और डिक्लासिफाइड किए गए कागजातों ने हाल ही में खुलासा किया है कि कैसे तत्कालीन अल-कायदा नेता ने पैसेंजर प्लेन की बजाय प्राइवेट जेट के उपयोग को प्रोत्साहित किया, ताकि 9/11 के बाद में फॉलोअप अटैक को अंजाम दिया जा सके. इन दस्तावेजों से यह भी पता चला कि कैसे बिन लादेन ने अपने अनुयायियों को अमेरिकी रेल पटरियों को काटने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि ट्रेन की पटरी से उतरने की बड़ी घटना घट सके जिसमें सैकड़ों लोग की मौत हो जाए. 

लेखक और इस्लामिक विद्वान नेली लाहौद (जिन्होंने अपने करियर का अधिकांश समय अल-कायदा पर शोध करने में बिताया है) ने ओसामा बिन लादेन के व्यक्तिगत पत्रों और नोट्स के हजारों पन्नों की जांच की, जो 11 साल पहले दो दर्जन नेवी सील की एक टीम द्वारा जब्त किए गए थे. नेवी सील को लादेन को पकड़ने या मारने के लिए पाकिस्तान भेजा गया था.

लादेन नहीं लगा पाया यह अंदाजा 
सीबीएस को दिए इंटरव्यू के दौरान बोलते हुए लाहौद ने बताया कि कैसे अल-कायदा यह अनुमान नहीं पाया कि अमेरिका 9/11 के हमलों के बाद युद्ध की घोषणा करेगा. हालांकि, जब अफगानिस्तान में युद्ध छिड़ गया तो लाहौद के मुताबिक बिन लादेन के पत्र से पता चलता है कि 11 सितंबर के हमले को लेकर अमेरिकियों की प्रतिक्रिया से वह हैरान था.

डिक्लासिफाइड पेपर्स के हवाले से लाहौद ने कहा कि बिन लादेन ने सोचा था कि अमेरिकी सड़कों पर उतरेंगे और अपनी सरकार पर मुस्लिम बहुल राज्य से हटने का दबाव बनाएंगे. लाहौद के मुताबिक "यह ओसामा बिन लादेन की ओर से एक बहुत बड़ा गलत अनुमान था." लाहौद ने बताया कि लादेन द्वारा ग्रुप मेंबर्स को लिखे गए व्यक्तिगत पत्रों के अनुसार, उसने अपने अल-कायदा के सहयोगियों के साथ तीन साल तक संवाद नहीं किया क्योंकि वह भाग रहा था. लेकिन 2004 में, लादेन आतंकवादी ग्रुप के साथ फिर से जुड़ गया और उसने सदस्यों को संयुक्त राज्य पर हमला करने की अपनी नई योजना की पेशकश की.

9/11  जैसा हमला दोबारा करना चाहता था लादेन 
बिन लादेन 9/11 जैसे हमलों को दोहराने के लिए "बहुत उत्सुक" था, लेकिन वह एयरपोर्ट पर बहुत सख्त सुरक्षा स्थितियों से भी अवगत था. अल-क़ायदा की अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी इकाई के प्रमुख को ओसामा बिन लादेन के लिखे एक पत्र को पढ़ते हुए, लाहौद ने खुलासा किया कि उसने देश पर अगले हमले के लिए एक पैसेंजर प्लेन के बजाय एक चार्टर विमान के माध्यम से हमले का विचार प्रस्तावित किया था. लादेन ने यह भी लिखा कि अगर प्लेन से हमला करना बहुत मुश्किल है तो उन्हें अमेरिकी रेलवे को निशाना बनाना चाहिए.

ट्रेन को निशाना बनाने का प्लान 
लाहौद ने कहा कि बिन लादेन के पास सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री थी और उसने समझाया कि अमेरिका पर कैसे हमला किया जाए. वह चाहता था कि 12 मीटर स्टील रेल को हटा दिया जाए ताकि इस तरह ट्रेन पटरी से उतर सके. लाहौद के मुताबिक आंतकियों के इस्तेमाल के लिए हम उसे सरल टूलकिट की व्याख्या करते हुए पाते हैं. लादेन ने कहा, “आप जानते हैं, आप एक कंप्रेसर का उपयोग कर सकते हैं. आप लोहे को गलाने के उपकरण का उपयोग कर सकते हैं. ” लाहौद के मुताबकि सौभाग्य से, बिन लादेन कभी भी अपनी योजना को अंजाम देने में कामयाब नहीं हो सका.

लाहौद ने कहा कि डिक्लासिफाइड दस्तावेजों से यह भी पता चलता है कि नवंबर 2002 में, अमेरिकी खुफिया अधिकारियों को चिंता थी कि अल-कायदा "बड़े हमलों" की योजना बना रहा है, जिसके परिणामस्वरूप लोग "बड़े पैमाने पर हताहत" होंगे, लेकिन उस वक्त बिन लादेन छिप रहा था और आतंकवादी समहू को "बिल्कुल नहीं" चला रहा था.

मध्य पूर्व और अमेरिका में भी करना चाहता था हमला 
पत्रों से यह भी पता चला कि 9/11 के मास्टरमाइंड ने 2010 में मध्य पूर्व और अफ्रीका में कई कच्चे तेल के टैंकरों और प्रमुख शिपिंग मार्गों को निशाना बनाकर एक अतिरिक्त आतंकी हमले की योजना बनाई थी.

लाहौद ने दावा किया कि बिन लादेन ने सुझाव दिया कि अल-कायदा के गुर्गे मछुआरों के रूप में खुद को बंदरगाह क्षेत्रों में एकीकृत कर सकते हैं. उसने अपनी टीम को निर्देश दिया कि राडार से बचने के लिए विशिष्ट नावें कहां से खरीदें और विस्तार से बताया कि विस्फोटकों के परिवहन के लिए जहाजों का उपयोग कैसे किया जाना चाहिए.      

अल कायदा की मौजूदा स्थिति 
अब, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अनुसार, अल-कायदा की अधिकांश आतंकवादी गतिविधियां अल-कायदा की छोटी शाखाओं द्वारा की जा रही हैं. बिन लादेन के बाद, अयमान अल-जवाहिरी, अब अल-कायदा का प्रमुख है. सीबीएस के मुताबिक, इसी महीने वह एक नए वीडियो में इस्लाम के दुश्मनों की निंदा करते हुए दिखाई दिया.

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