ABG Shipyard Fraud: देश के सबसे बड़े एबीजी शिपयार्ड बैंकिंग घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 24 ठिकानों पर छापेमारी

ED Raids: एबीजी शिपयार्ड बैंक लोन केस में प्रवर्तन निदेशालय ने मुंबई, पुणे और सूरत के 24 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की है. बड़ी शिप निर्माण कंपनियों में से एक एबीजी शिपयार्ड पर 28 बैंकों में 22 हजार 842 करोड़ रुपयों की धोखाधड़ी का आरोप है. ये रेड प्रिवेंशन और मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई है. मंगलवार को ईडी ने ये कार्रवाई एबीजी शिपयार्ड, उसकी सहयोगी कंपनियों और उसके अधिकारियों पर की है. ईडी ने सीबीआई की एफआईआर के आधार पर इस साल फरवरी के महीने में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज किया था. सीबीआई ने एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड और उसके तत्कालीन अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक ऋषि कमलेश अग्रवाल के साथ अन्य लोगों के खिलाफ बैंकों के एक कंसोर्टियम को 22,842 करोड़ रुपये से अधिक का धोखा देने के आरोप में मामला दर्ज किया था. ऋषिक कमलेश के अलावा इन लोगों के नाम भी एफआईआर इस एफआईआर में कमलेश अग्रवाल के अलावा एजेंसी ने कंपनी के तत्कालीन कार्यकारी निदेशक संथानम मुथास्वामी, निदेशकों अश्विनी कुमार, सुशील कुमार अग्रवाल और रवि विमल नेवेतिया और एक अन्य कंपनी एबीजी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड को भारतीय दंड विधान (आईपीसी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आधिकारिक पद के दुरुपयोग के कथित अपराधों के लिए नामित किया था. ये भी पढ़ें: सीबीआई ने बैंक धोखाधड़ी मामले में ऋषि अग्रवाल से फिर की पूछताछ, जानें जांच एजेंसी ने क्या कहा ये भी पढ़ें: ABG Shipyard Scam: देश का सबसे बड़ा घोटाला करने वाली ABG शिपयार्ड के बारे में जानें, इसके सामने नीरव मोदी, विजय माल्या भी कुछ नहीं

ABG Shipyard Fraud: देश के सबसे बड़े एबीजी शिपयार्ड बैंकिंग घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 24 ठिकानों पर छापेमारी

ED Raids: एबीजी शिपयार्ड बैंक लोन केस में प्रवर्तन निदेशालय ने मुंबई, पुणे और सूरत के 24 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की है. बड़ी शिप निर्माण कंपनियों में से एक एबीजी शिपयार्ड पर 28 बैंकों में 22 हजार 842 करोड़ रुपयों की धोखाधड़ी का आरोप है. ये रेड प्रिवेंशन और मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई है. मंगलवार को ईडी ने ये कार्रवाई एबीजी शिपयार्ड, उसकी सहयोगी कंपनियों और उसके अधिकारियों पर की है.

ईडी ने सीबीआई की एफआईआर के आधार पर इस साल फरवरी के महीने में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज किया था. सीबीआई ने एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड और उसके तत्कालीन अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक ऋषि कमलेश अग्रवाल के साथ अन्य लोगों के खिलाफ बैंकों के एक कंसोर्टियम को 22,842 करोड़ रुपये से अधिक का धोखा देने के आरोप में मामला दर्ज किया था.

ऋषिक कमलेश के अलावा इन लोगों के नाम भी एफआईआर

इस एफआईआर में कमलेश अग्रवाल के अलावा एजेंसी ने कंपनी के तत्कालीन कार्यकारी निदेशक संथानम मुथास्वामी, निदेशकों अश्विनी कुमार, सुशील कुमार अग्रवाल और रवि विमल नेवेतिया और एक अन्य कंपनी एबीजी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड को भारतीय दंड विधान (आईपीसी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आधिकारिक पद के दुरुपयोग के कथित अपराधों के लिए नामित किया था.

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