बेबी होगा एकदम हेल्दी, प्रेग्नेंसी के दौरान योग करने से आसान होगी डिलिवरी

प्रेग्नेंसी योग आज के समय में बेहद पॉप्युलर हैं. आप अगर प्रेग्नेंट हैं तो आपको इन्हें जरूर ट्राई करना चाहिए. बस इस बात का ध्यान रखें कि किसी योग एक्सपर्ट की देखरेख में ही आप योग करें. अपने मन से या विडियोज देखकर नहीं. क्योंकि हर किसी की हेल्थ कंडीशन अलग-अलग होती है, ऐसे में जरूरी नहीं है कि आप उन सभी योगासन को कर सकें, जो प्रेग्नेंसी के दौरान कराए जाते हैं. यहां हम आपको कुछ खास टिप्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें ध्यान रखने पर आपका बेबी हेल्दी रहेगा और डिलिवरी के समय आपको भी कम पीड़ा का सामना करना पड़ेगा... योग के दौरान आपको सबसे पहले सांस लेने की सही विधि सिखाई जाती है. जैसे, सांस हमेशा गहरी लें और इसे धीरे-धीरे छोड़ें. सांस भरते समय आपके फेफड़े फूलने चाहिए और सांस छोड़ते समय आपका पेट अंदर की तरफ जाना चाहिए. सांस लेने की यह प्रक्रिया आपके फेफड़ों को मजबूत बनाती है और आपके शरीर में ऑक्सीजन का स्तर भी बढ़ाती है. इससे ब्लड का फ्लो बेहतर बना रहता है और आपके गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास अच्छे प्रकार से हो पाता है. प्रेग्नेंसी योग से आपके मजबूत हो चुके फेफड़े डिलिवरी के समय सांस खींचने और प्रसव पीड़ा से बचने में आपकी सहायता करते हैं. बॉडी में ऑक्सीजन का स्तर सही होता है तो मस्तिष्क की तनाव सहने की क्षमता बढ़ती है. यानी जब आपको कूल और शांत रहने की जरूरत होती है तब आप ऐसा कर पाती हैं. प्रेग्नेंसी योग सही प्रकार से करने पर आपका ब्लड प्रेशर सही बना रहता है. जो चाइल्ड बर्थ के दौरान आपके हार्ट को अधिक प्रेशर में आने से रोकता है.  योग क्लासेस के दौरान आप अपनी ही तरह की अन्य प्रेग्नेंट महिलाओं को संपर्क में आती हैं, इससे आपका सर्कल और सोसायटी का दायरा बढ़ता है, जो आपको इमोशनली मजबूत बनने में मदद करता है. क्योंकि आप अन्य महिलाओं के अनुभवों से भी बहुत कुछ सीख पाती हैं. अलग ट्राइमेस्टर में अलग योग  प्रेग्नेंसी के दौरान योग कराते हुए आपके योगासनों को तीन अलग भागों में बांटा जाता है. यानी प्रेग्नेंसी के पहले तीन महीनों में आपको अलग तरह के योग कराएं जाते हैं और तीन महीने बाद कुछ अन्य योगासन.  ऐसा इसलिए होता है ताकि बच्चे ग्रोथ के अनुसार आपको योग करने में सहजता भी रहे और योग करना का पूरा लाभ भी बच्चे को मिलता रहे. इसलिए एक क्यूट और हेल्दी बच्चे की मां बनने के लिए आपको प्रेग्नेंसी योग जरूर करना चाहिए.    Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों को केवल सुझाव के रूप में लें, एबीपी न्यूज़ इनकी पुष्टि नहीं करता है. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. यह भी पढ़ें: शरीर के इन 5 संकेतों को न करें अनदेखा, जानें आपसे क्या कहना चाहती है आपकी बॉडी यह भी पढ़ें: पीरियड क्रैंप्स से राहत पाने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय, दर्द और चुभन से मिलेगी राहत  

बेबी होगा एकदम हेल्दी, प्रेग्नेंसी के दौरान योग करने से आसान होगी डिलिवरी

प्रेग्नेंसी योग आज के समय में बेहद पॉप्युलर हैं. आप अगर प्रेग्नेंट हैं तो आपको इन्हें जरूर ट्राई करना चाहिए. बस इस बात का ध्यान रखें कि किसी योग एक्सपर्ट की देखरेख में ही आप योग करें. अपने मन से या विडियोज देखकर नहीं. क्योंकि हर किसी की हेल्थ कंडीशन अलग-अलग होती है, ऐसे में जरूरी नहीं है कि आप उन सभी योगासन को कर सकें, जो प्रेग्नेंसी के दौरान कराए जाते हैं. यहां हम आपको कुछ खास टिप्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें ध्यान रखने पर आपका बेबी हेल्दी रहेगा और डिलिवरी के समय आपको भी कम पीड़ा का सामना करना पड़ेगा...

  • योग के दौरान आपको सबसे पहले सांस लेने की सही विधि सिखाई जाती है. जैसे, सांस हमेशा गहरी लें और इसे धीरे-धीरे छोड़ें. सांस भरते समय आपके फेफड़े फूलने चाहिए और सांस छोड़ते समय आपका पेट अंदर की तरफ जाना चाहिए.
  • सांस लेने की यह प्रक्रिया आपके फेफड़ों को मजबूत बनाती है और आपके शरीर में ऑक्सीजन का स्तर भी बढ़ाती है. इससे ब्लड का फ्लो बेहतर बना रहता है और आपके गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास अच्छे प्रकार से हो पाता है.
  • प्रेग्नेंसी योग से आपके मजबूत हो चुके फेफड़े डिलिवरी के समय सांस खींचने और प्रसव पीड़ा से बचने में आपकी सहायता करते हैं. बॉडी में ऑक्सीजन का स्तर सही होता है तो मस्तिष्क की तनाव सहने की क्षमता बढ़ती है. यानी जब आपको कूल और शांत रहने की जरूरत होती है तब आप ऐसा कर पाती हैं.
  • प्रेग्नेंसी योग सही प्रकार से करने पर आपका ब्लड प्रेशर सही बना रहता है. जो चाइल्ड बर्थ के दौरान आपके हार्ट को अधिक प्रेशर में आने से रोकता है. 
  • योग क्लासेस के दौरान आप अपनी ही तरह की अन्य प्रेग्नेंट महिलाओं को संपर्क में आती हैं, इससे आपका सर्कल और सोसायटी का दायरा बढ़ता है, जो आपको इमोशनली मजबूत बनने में मदद करता है. क्योंकि आप अन्य महिलाओं के अनुभवों से भी बहुत कुछ सीख पाती हैं.

अलग ट्राइमेस्टर में अलग योग 

  • प्रेग्नेंसी के दौरान योग कराते हुए आपके योगासनों को तीन अलग भागों में बांटा जाता है. यानी प्रेग्नेंसी के पहले तीन महीनों में आपको अलग तरह के योग कराएं जाते हैं और तीन महीने बाद कुछ अन्य योगासन. 
  • ऐसा इसलिए होता है ताकि बच्चे ग्रोथ के अनुसार आपको योग करने में सहजता भी रहे और योग करना का पूरा लाभ भी बच्चे को मिलता रहे. इसलिए एक क्यूट और हेल्दी बच्चे की मां बनने के लिए आपको प्रेग्नेंसी योग जरूर करना चाहिए. 

 

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों को केवल सुझाव के रूप में लें, एबीपी न्यूज़ इनकी पुष्टि नहीं करता है. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

यह भी पढ़ें: शरीर के इन 5 संकेतों को न करें अनदेखा, जानें आपसे क्या कहना चाहती है आपकी बॉडी

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