पाकिस्तान में सियासी खींचतान के बीच फवाद चौधरी का बड़ा बयान, गृहयुद्ध के दिए संकेत

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के एक वरिष्ठ नेता ने आगाह किया कि मुल्क नागरिक अशांति की ओर बढ़ रहा है. पूर्व सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने पंजाब विधानसभा में झड़प पर प्रतिक्रिया देते हुए शनिवार को यह टिप्पणी हुई. पंजाब विधानसभा में गुस्साएं विधायकों ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों से मारपीट की थी. उग्र सदस्यों को काबू में करने के लिए पुलिस बुलायी गई. ये सदस्य कार्यवाहक अध्यक्ष दोस्त मुहम्मद मजारी को प्रांत के नए मुख्यमंत्री का चुनाव करने के लिए मतदान कराने से रोक रहे थे. गुस्साई भीड़ को रोक नहीं पाएंगे इमरान खान: फवाद फवाद ने ट्वीट कर लिखा, "हम पूरी तरह नागरिक अशांति से कुछ इंच दूर हैं, इमरान खान ने जल्द ही बहुत अधिक संयम बरता है, यहां तक कि वह भी इस गुस्साई भीड़ को रोक नहीं पाएंगे और हम देश को नागरिक अशांति की ओर बढ़ते देखेंगे." पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि मौजूदा राजनीतिक उथल-पुथल का संबंध सुप्रीम कोर्ट द्वारा बागी विधायकों की किस्मत का फैसला करने से जुड़े मामले पर निर्णय लेने में "नाकामी" से है. जल्द से जल्द कराए जाएं चुनाव पार्टी के एक अन्य नेता जुल्फी बुखारी ने कहा, "ये महज कुछ एमपीए (प्रांतीय विधानसभा के सदस्य) हैं, कल्पना कीजिए अगर अवाम काबू से बाहर हो जाती है और मामले को अपने हाथों में ले लेती है. इस नागरिक अशांति को शांत करने का एकमात्र हल चुनाव है. लोगों को अपने भाग्य का फैसला खुद करने दीजिए. चुनाव कराइए." प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी उपाध्यक्ष पर हमले की निंदा करते हुए कहा, "हिंसा और गुंडागर्दी का यह खुला प्रदर्शन फासीवादी है." इसे भी पढ़ेंःJahangirpuri Violence: गिरफ्तार आरोपियों की कोर्ट में पेशी, दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष का बड़ा आरोप- हिंसा में शामिल अंसार AAP का सदस्य दिल्ली: जहांगीरपुरी हिंसा के आरोपी अंसार के नाम पहले से दर्ज हैं ये केस, पुलिस ने खंगाली कुंडली

पाकिस्तान में सियासी खींचतान के बीच फवाद चौधरी का बड़ा बयान, गृहयुद्ध के दिए संकेत

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के एक वरिष्ठ नेता ने आगाह किया कि मुल्क नागरिक अशांति की ओर बढ़ रहा है. पूर्व सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने पंजाब विधानसभा में झड़प पर प्रतिक्रिया देते हुए शनिवार को यह टिप्पणी हुई. पंजाब विधानसभा में गुस्साएं विधायकों ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों से मारपीट की थी. उग्र सदस्यों को काबू में करने के लिए पुलिस बुलायी गई. ये सदस्य कार्यवाहक अध्यक्ष दोस्त मुहम्मद मजारी को प्रांत के नए मुख्यमंत्री का चुनाव करने के लिए मतदान कराने से रोक रहे थे.

गुस्साई भीड़ को रोक नहीं पाएंगे इमरान खान: फवाद

फवाद ने ट्वीट कर लिखा, "हम पूरी तरह नागरिक अशांति से कुछ इंच दूर हैं, इमरान खान ने जल्द ही बहुत अधिक संयम बरता है, यहां तक कि वह भी इस गुस्साई भीड़ को रोक नहीं पाएंगे और हम देश को नागरिक अशांति की ओर बढ़ते देखेंगे." पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि मौजूदा राजनीतिक उथल-पुथल का संबंध सुप्रीम कोर्ट द्वारा बागी विधायकों की किस्मत का फैसला करने से जुड़े मामले पर निर्णय लेने में "नाकामी" से है.

जल्द से जल्द कराए जाएं चुनाव

पार्टी के एक अन्य नेता जुल्फी बुखारी ने कहा, "ये महज कुछ एमपीए (प्रांतीय विधानसभा के सदस्य) हैं, कल्पना कीजिए अगर अवाम काबू से बाहर हो जाती है और मामले को अपने हाथों में ले लेती है. इस नागरिक अशांति को शांत करने का एकमात्र हल चुनाव है. लोगों को अपने भाग्य का फैसला खुद करने दीजिए. चुनाव कराइए." प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी उपाध्यक्ष पर हमले की निंदा करते हुए कहा, "हिंसा और गुंडागर्दी का यह खुला प्रदर्शन फासीवादी है."

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