गुजरात दौरे पर छात्रों से बोले पीएम, टेक्नॉलजी का इस्तेमाल जरूरी, लेकिन सामाजिक जीवन से नहीं हों दूर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि छात्रों को प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए,लेकिन उन्हें इसके साथ खेल और सामाजिक जीवन को भूलना नहीं चाहिए. प्रधानमंत्री अपने गृह राज्य की तीन दिवसीय की यात्रा पर हैं. उन्होंने छात्रों को केवल ऑनलाइन गतिविधियों में ही लगे रहने को लेकर आगाह किया और कहा कि नयी शिक्षा नीति के तहत खेल पाठ्येतर गतिविधियों में शामिल नहीं है, बल्कि शिक्षा का ही हिस्सा है. प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी गुजरात यात्रा की शुरुआत राज्य की राजधानी गांधीनगर में ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ अथवा स्कूलों के लिए कमान एवं नियंत्रण केंद्र के दौरे के साथ की, जो स्कूलों से सालाना 500 करोड़ से अधिक डेटा सेट एकत्र करता है और उनका विश्लेषण करता है. प्रौद्योगिकी से खुलेंगे पूरी दुनिया के रास्ते विश्व बैंक ने इस केंद्र को एक वैश्विक सर्वश्रेष्ठ शुरुआत माना है और उसने अन्य देशों से इस जगह आने और इसके बारे में सीखने का अनुरोध किया है. मोदी ने इस केंद्र से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जिए शिक्षकों तथा छात्रों से बातचीत करते हुए कहा,‘‘ आप सबने प्रौद्योगिकी के फायदे का अनुभव किया है. हम खुशकिस्मत हैं कि ऐसे युग में है जहां प्रौद्योगिकी सरल और पहुंच के अंदर है. एक बार आप इसमें जरा दिलचस्पी लें तो पूरी दुनिया के दरवाजे आपके लिए खुल जाएंगे.’’ उन्होंने कहा कि बच्चों को इसके प्रति (प्रौद्योगिकी) प्रोत्साहित करना चाहिए...लेकिन ऐसा भी नहीं होना चाहिए कि सब कुछ ऑनलाइन ही चल रहा हो, ऑफलाइन कुछ हो ही नहीं. कैसे कोई (बच्चा) ऑनलाइन यह जान सकता है कि गुड़ मीठा होता है,जब तक उसने इसे चखा नहीं हो? इसके लिए हमें सही में इसे चखना होगा. खेल, सामाजिक जीवन कुछ ऐसी चीजें हैं, जिन्हें भुलाया नहीं जाना चाहिए.’’ प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से भी की बातचीत इस बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने शिक्षकों और छात्रों से प्रौद्योगिकी को लेकर उनके अनुभव और दिलचस्पी जाननी चाही. उन्होंने छात्रों से स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पोर्टल ‘दीक्षा’ (डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर नॉलेज शेयरिंग) का उपयोग करने के उनके अनुभव के बारे में पूछा. उन्होंने शिक्षकों से यह भी जानना चाहा कि क्या डेटा एकत्र करने की नई प्रणाली ने उन पर अतिरिक्त बोझ डाला है. दीक्षा स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पोर्टल है. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी का इस केंद्र का दौरा आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा गुजरात में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर बीजेपी सरकार को घेरने की कोशिश के कुछ दिनों बाद हुआ है. ब्रिटिश पीएम के दिल्ली दौरे से पहले दंगों ने बढ़ाई सरकार की चिंता, सुरक्षा एजेंसियों के लिए बढ़ी चुनौतियां  महाराष्ट्र में धार्मिक जगहों पर इजाजत के बाद ही लगाया जा सकेगा लाउडस्पीकर, विवादों के बीच उद्धव सरकार का बड़ा फैसला

गुजरात दौरे पर छात्रों से बोले पीएम, टेक्नॉलजी का इस्तेमाल जरूरी, लेकिन सामाजिक जीवन से नहीं हों दूर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि छात्रों को प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए,लेकिन उन्हें इसके साथ खेल और सामाजिक जीवन को भूलना नहीं चाहिए. प्रधानमंत्री अपने गृह राज्य की तीन दिवसीय की यात्रा पर हैं. उन्होंने छात्रों को केवल ऑनलाइन गतिविधियों में ही लगे रहने को लेकर आगाह किया और कहा कि नयी शिक्षा नीति के तहत खेल पाठ्येतर गतिविधियों में शामिल नहीं है, बल्कि शिक्षा का ही हिस्सा है.

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी गुजरात यात्रा की शुरुआत राज्य की राजधानी गांधीनगर में ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ अथवा स्कूलों के लिए कमान एवं नियंत्रण केंद्र के दौरे के साथ की, जो स्कूलों से सालाना 500 करोड़ से अधिक डेटा सेट एकत्र करता है और उनका विश्लेषण करता है.

प्रौद्योगिकी से खुलेंगे पूरी दुनिया के रास्ते

विश्व बैंक ने इस केंद्र को एक वैश्विक सर्वश्रेष्ठ शुरुआत माना है और उसने अन्य देशों से इस जगह आने और इसके बारे में सीखने का अनुरोध किया है. मोदी ने इस केंद्र से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जिए शिक्षकों तथा छात्रों से बातचीत करते हुए कहा,‘‘ आप सबने प्रौद्योगिकी के फायदे का अनुभव किया है. हम खुशकिस्मत हैं कि ऐसे युग में है जहां प्रौद्योगिकी सरल और पहुंच के अंदर है. एक बार आप इसमें जरा दिलचस्पी लें तो पूरी दुनिया के दरवाजे आपके लिए खुल जाएंगे.’’

उन्होंने कहा कि बच्चों को इसके प्रति (प्रौद्योगिकी) प्रोत्साहित करना चाहिए...लेकिन ऐसा भी नहीं होना चाहिए कि सब कुछ ऑनलाइन ही चल रहा हो, ऑफलाइन कुछ हो ही नहीं. कैसे कोई (बच्चा) ऑनलाइन यह जान सकता है कि गुड़ मीठा होता है,जब तक उसने इसे चखा नहीं हो? इसके लिए हमें सही में इसे चखना होगा. खेल, सामाजिक जीवन कुछ ऐसी चीजें हैं, जिन्हें भुलाया नहीं जाना चाहिए.’’

प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से भी की बातचीत

इस बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने शिक्षकों और छात्रों से प्रौद्योगिकी को लेकर उनके अनुभव और दिलचस्पी जाननी चाही. उन्होंने छात्रों से स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पोर्टल ‘दीक्षा’ (डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर नॉलेज शेयरिंग) का उपयोग करने के उनके अनुभव के बारे में पूछा.

उन्होंने शिक्षकों से यह भी जानना चाहा कि क्या डेटा एकत्र करने की नई प्रणाली ने उन पर अतिरिक्त बोझ डाला है. दीक्षा स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पोर्टल है. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी का इस केंद्र का दौरा आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा गुजरात में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर बीजेपी सरकार को घेरने की कोशिश के कुछ दिनों बाद हुआ है.

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